कहते है कहने वाले कि हर शब कमाल है
गर कुछ कमाल है तो तिरा लब कमाल है
वैसे कमाल है नहीं उस का यूँ देखना
आए गले लगाए मुझे तब कमाल है
अच्छी नहीं लगी मुझे दुनिया तुम्हारे बिन
बस झूठ कह दिया जो भी है सब कमाल है
पूछा गया सवाल सिलेबस से था नहीं
मैं ने जवाब में लिखा मतलब कमाल है
कुछ ख़ास था नहीं जो सुनाता मैं आप को
हर शे'र मेरे पास मगर अब कमाल है
अपनों को छोड़ता नहीं मुश्किल के दौर में
शायद से इस लिए भी मेरा रब कमाल है
हैरत तुम्हें है कैसी उसे देखने के बा'द
मैं ने कमाल कह दिया मतलब कमाल है
— Aakash Giri















