जीवन भर की एक कहानी
एक मोहब्बत एक जवानी
हम ने बस ये मन में ठानी
अपनी ख़ुद की राह बनानी
क़तरे क़तरे में दरिया है
बहता है आँखों का पानी
मुझ को छोड़ दिया तो उस ने
रक्खी अपने पास निशानी
तुम को घर मिलने आना था
हो भी चुकी वो बात पुरानी
मैं ने उस को वक़्त दिया था
उस ने मेरी क़द्र न जानी
— Toyesh prakash















