रातकईआवारासपनेआँखोंमेंलहराएथे
शायदवोख़ुदभेसबदलकरनींदचुरानेआएथे
जीवनकेवोप्यासेलम्हेबरसोंमेंरासआएथे
राततिरीज़ुल्फ़ोंकेबादलमस्तीमेंलहराएथे
हाएवोमहकीमहकीरातेंहाएवोबहकेबहकेदिन
जबवोमेरेमेहमाँबनकरमेरेघरमेंआएथे
तुमकोभीआग़ाज़-ए-मोहब्बतयादतोहोगाकमसेकम
पहले-पहलमिलतेहीनज़रेंहमदोनोंशरमाएथे
हाएवोरब्त-ओ-ज़ब्त-ए-मोहब्बतहाएयेपास-ए-शर्त-ए-वफ़ा
आजनमिलनेपरभीख़ुशहैंकलमिलकरपछताएथे