जान इतने जो आप प्यारे हो
साथ फिर यार क्यूँ हमारे हो
मयक़दे ज़िंदा आप से ही हैं
पीने वालों के आप प्यारे हो
चाहने वाले हैं यहाँ लाखों
हम कहें कैसे तुम हमारे हो
है सहारा किसी का तुम को भी
तुम किसी और के सहारे हो
झुर्रियाँ दिखती चेहरे पर हैं अब
वक़्त से लगता तुम भी हारे हो
इश्क़ ही लिखते इश्क़ ही पढते
तुम अनुज इश्क़ के ही मारे हो
— Anuj Vats















