“कृष्ण है”
प्यार भाव का दर्पण कृष्ण है
भक्ति रस का समर्पण कृष्ण है
तुम प्रेम से बस पुकारो तो
सुख करता अर्पण कृष्ण है
वो परमेश्वर अंत भी अनंत भी
नयन मूँद कर दर्शन कृष्ण है
परिस्थिति से हार मत मानो
किस का चाहिए समर्थन कृष्ण है
ढूँढो तो कहीं नहीं समझो तो
गौ गोपी और गोवर्धन कृष्ण है
महाभारत हो या जीवन संघर्ष
बनो अर्जुन तो हर रण कृष्ण है
— 100rav















