baad uske koii jacha hi nahin | बाद उसके कोई जचा ही नहीं

  - Amaan Pathan

बाद उसके कोई जचा ही नहीं
इश्क़ जैसी कोई बला ही नहीं

उसने जब बात की समझ आया
ख़ामुशी से बड़ी सज़ा ही नहीं

पूरी बोतल उतार दी गले से
मुझ को फिर भी नशा हुआ ही नहीं

उस ने यूँ छील के उतारी हिना
रंग फिर कोई भी रचा ही नहीं

इन लरज़ते लबों से क्यूँ तूने
सुर्ख़ आँखों को फिर छुआ ही नहीं

ईद भी आ गई मिरे मौला
मेरा घर अब तलक सजा ही नहीं

उस को लौटा सके जो बाँहों में
ऐसा तो कोई मोजिज़ा ही नहीं

जो दिया सच की आग से रौशन
वो तो दरिया से भी बुझा ही नहीं

आज भूखे ही सो गए बच्चे
आज कासा मिरा भरा ही नहीं

आग ऐसी अमान देखी है
पास हो कर भी मैं जला ही नहीं

  - Amaan Pathan

Rang Shayari

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