jaane kis-kis ko kha gaii miTTi | जाने किस-किस को खा गई मिट्टी

  - Dharamraj deshraj

जाने किस-किस को खा गई मिट्टी
ज़ीस्त क्या है बता गई मिट्टी

जो जहाँ को बता चुके अपना
उनको अपना बना गई मिट्टी

जिनका दुनिया में नाम चलता था
उनको मिट्टी बना गई मिट्टी

ख़्वाब कैसे हसीन अब आए
सो रहा था जगा गई मिट्टी

पास सब है मगर नहीं कुछ भी
आइना जब दिखा गई मिट्टी

आम इंसान की बिसात कहाँ
आसमानों को खा गई मिट्टी

दोस्त दुश्मन नहीं कोई उसके
सबकी हस्ती मिटा गई मिट्टी

  - Dharamraj deshraj

Duniya Shayari

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