चाहत के पहले बाब से आगे न बढ़ सका
ये दिल तुम्हारे ख़्वाब से आगे न बढ़ सका
इज़हार-ए-इश्क़ करने की सोची कई दफ़ा
लेकिन कभी गुलाब से आगे न बढ़ सका
मैं दश्त-ए-दिल में आब सा मौजूद था मगर
वो कम-नज़र सराब से आगे न बढ़ सका
सब सिलसिले शुरूअ में जान ए अज़ीज़ थे
लेकिन मैं इस हिसाब से आगे न बढ़ सका
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