मेरी उदासियों के क़िस्से बना रही है
वो इस तरह से अपनी नफ़रत जता रही है
मैं रोज़ माँगता हूँ ख़ुशियाँ ख़ुदास उस की
वो रोज़ दर्द देकर मुझ को रुला रही है
इस इश्क़ ने मुझे ग़म सौगात में दिए हैं
शायद मेरी तरफ़ से कोई ख़ता रही है
उकता गया हूँ लेकिन मरना नहीं गवारा
माँ की दुआएँ मुझ को ज़िंदा बचा रही है
मुझ को गिला रहेगा मेरी 'इबादतों से
वरना तो किस्मतें यूँँ सबको मिला रही है
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