दर्द बरसों के मिटाने आ गए हैं राम मेरे
लौट आए हैं पलट कर फिर से वापस श्याम मेरे
साँसों को माला किए मैं राम को जपती रही हूँ
राम इस दिल में बसे हैं राम आठों याम मेरे
मिट गए संताप सारे हो गया मुझ को यक़ीं अब
जो कृपा हो राम की होंगे सफल सब काम मेरे
आ गए सर
यूँ के तट पर लौट कर श्री राम मेरे
राम हैं गौरव मिरा बस राम चारों धाम मेरे
— Rubball















