उस के लहजे में क्या ख़ूब रवानी है
उस से सुनो मेरी बर्बाद कहानी है
मेरे शहर में शब भर मौसम सर्द रहा
उस के गाँव में ये बारिश की निशानी है
कहती थी वो तेरे बिन मर जाऊंगी
वो ज़िंदा है उसे ये बात बतानी है
और न जाने कितनो की जान वो लेगी
यार अभी उस की चढ़ती सी जवानी है
सुना है उस के लाखों ही दीवाने हैं
पर वो तो बस लाखों की दीवानी है
उस ने कहा है जान मोहब्बत में सादिक़
या'नी कि मोहब्बत में जान तो जानी है
— Shayar Sadiq hassan















