is tarah koi pareshaan bhi ho saka hai | इस तरह कोई परेशान भी हो सकता है

  - Shajar Abbas

इस तरह कोई परेशान भी हो सकता है
यानी वो दर्द का उनवान भी हो सकता है
'इश्क़ करना कोई आसान नहीं है लेकिन
'इश्क़ करना बहुत आसान भी हो सकता है

सोचकर 'इश्क़ के मैदान में रखिएगा क़दम
आपको जान का नुक़्सान भी हो सकता है

ये हक़ीक़त है कोई क़िस्सा नहीं चाहत में
दिल तिरा दश्त सा वीरान भी हो सकता है

हमने सोचा ही नहीं था कभी जीते जी शजर
दुश्मन-ए-जान कभी जान भी हो सकता है

  - Shajar Abbas

Love Shayari

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