कह दिया भाती है वफ़ा मुझ को
इतने पे छोड़ वो गया मुझ को
आदतें ख़ुद न अच्छी थी उस की
और कहता रहा बुरा मुझ को
होश रहता नहीं हो दिन या रात
तुम से मिल के ये क्या हुआ मुझ को
अब दुआ करनी चाहिए वर्ना
मार डालेगी हर दवा मुझ को
शा'इरी कैसे कर रहा हूँ मैं
लगता है इश्क़ हो गया मुझ को
— Manoj Sharma "Chandan"















