koi pooche to kya main chahta hoon | कोई पूछे तो क्या मैं चाहता हूॅं

  - SHIV SAFAR

कोई पूछे तो क्या मैं चाहता हूॅं
फ़क़त कुछ बोलना मैं चाहता हूॅं

वो फ़न बाक़ी नहीं अब लड़कियों में
कोई अच्छी बला मैं चाहता हूॅं

जो बदला है, कहीं खोया नहीं है
उसे ही ढूँढना मैं चाहता हूॅं

मनाता है सुना है बोसे दे कर
सो अब होना ख़फ़ा मैं चाहता हूॅं

ये ग़म कम हो रहे, उस सेे मिला दो
कि फिर होना जुदा मैं चाहता हूॅं

उसी के साथ पाऊँ 'उम्र क़ैद अब
करूँँ ऐसी ख़ता मैं चाहता हूॅं

वो नाम इक जिस
में है मेरी कहानी
वो राज़ अब खोलना मैं चाहता हूॅं

  - SHIV SAFAR

Dushman Shayari

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