मैं उसे अपना ख़ुद को बताते हुए
सोचता हूँ ये सब मुस्कुराते हुए
सुन न ले बात वो मेरे दिल की कहीं
डर रहा था गले से लगाते हुए
हार जाता हूँ मैं बारहा इस लिए
लड़ती है मुझ से वो बुदबुदाते हुए
कितनी ख़ुश है वो लड़की मुझे छोड़कर
रो रही थी मुझे ये बताते हुए
दिल पे छपता गया था मेरे और भी
नाम उस का बदन से मिटाते हुए
खो दिए दोस्त मैं ने सभी नाम के
एक के बा'द इक आज़माते हुए
— Radheshyam Tiwari















