ख़्वाब में ही आना जाना रह गयायाद बस गुज़रा जमाना रह गयामैं हूँ तन्हा सामने है आइनाअब न कुछ बाक़ी बहाना रह गयाले गया यादों के मौसम साथ वोमुझ पे बस इक ख़त पुराना रह गयारूह कब की जा चुकी है उस के साथअब तो बस ये तन जलाना रह गयाजोड़कर ख़ुशियाँ बनाया घोंसलाउड़ गया पंछी ठिकाना रह गया— Gulshan