अगरकुछए'तिबार-ए-जिस्म-ओ-जाँहो
अभीकुछऔरमेराइम्तिहाँहो
मुझेदरपेशहैबसएकमंज़िल
कितुझसेबातहोलेकिनकहाँहो
जिसेमौज-ए-बलाचू
मेंमुसलसल
मिरीकश्तीकाऐसाबादबाँहो
कहाँतकसूरत-ए-इम्काँनिकालूँ
अगरहरबारमेहनतराएगाँहो
मिरेख़्वाबोंकीवोबे-नामजन्नत
ज़मीन-ओ-आसमाँकेदरमियाँहो
मिरेएहसासकेआतिश-फ़िशाँका
अगरहोतोमिरेदिलतकधुआँहो
अगर'आग़ाज़'हैचुप-चापसाहिल
समुंदरकीतरहतुमबे-कराँहो