हिसार-ए-मक़्तल-ए-जाँमेंलहूलहूमैंथा
रसनरसनमिरीवहशतगुलूगुलूमैंथा
जोरहगयानिगह-ए-सोज़न-ए-मशिय्यतसे
क़बा-ए-ज़ीस्तकावोचाक-ए-बे-रफ़ूमैंथा
ज़मानाहँसतारहामेरीख़ुद-कलामीपर
तिरेख़यालसेमसरूफ़-ए-गु्फ़्तुगूमैंथा
थाआइनेमेंशिकस्त-ए-ग़ुरूर-ए-यकताई
किअपनेअक्सकेपर्देमेंहू-ब-हूमैंथा
तूअपनीज़ातकेहरपेच-ओ-ख़मसेपूछकेदेख
क़दमक़दममिरीआहटथीकू-ब-कूमैंथा
हरएकवादी-ओ-कोहसारसेगुज़रताहुआ
जोआबशारबनाथावोआबजूमैंथा
ख़ुतनख़ुतनथीशलंग-ए-ग़ज़ालमेरेलिए
बदनबदनमिरानश्शासुबूसुबूमैंथा
तमामउम्रकीदीवानगीकेब'अदखुला
मैंतेरीज़ातमेंपिन्हाँथाऔरतूमैंथा
मआल-ए-उम्र-ए-मोहब्बतहैबसयही'तिश्ना'
मिरीतलाशथावोउसकीजुस्तुजूमैंथा