मेरे जीवन से ख़त्म ग़म करते
याद करते मुझे करम करते
तुम ज़्यादा नहीं न कम करते
पर मोहब्बत मुझे सनम करते
गर नवाज़िश नहीं सितम करते
अपना पल पल मेरे बहम करते
चूम लेते मेरे लबों को तुम
हम इनायत तेरी रक़म करते
शब गुज़रती तुम्हारी बाहों में
तुम कभी सच तो ये भरम करते
तुम मोहब्बत हो इश्क़ हो मेरा
तुम ये कहते तो रश्क़ हम करते
— Ananya Rai Parashar















