तुम अगर सच्ची लगन से ठान लोगे
खामियाँ बेशक यूँ अपनी जान लोगे
फ़ासले जो दरमियाँ बढ़वा रहे हो
प्यार कम होगा नहीं ये मान लोगे
आज तुम जो कह रहें हो उस ग़ज़ल में
ये बताओ कौन-से अर्कान लोगे
कौन सच्चा दोस्त तेरा जानना है?
आइने में देख लो पहचान लोगे
घर चलाने के लिए पैसे कमाओ
दूसरों के कब तलक अहसान लोगे
दौलतों से भी बड़ी इंसानियत है
इस लिए दौलत नहीं इंसान लोगे
नाम मेरे ग़म तिरे जो कर दिए है
आप इस के बदले में मुस्कान लोगे
इश्क़ में धोखा मिले जायज़ है सागर
टूटते दिल का उठा नुक़सान लोगे
— Sagar















