कभीयूँँभीआमिरीआँखमेंकिमिरीनज़रकोख़बरनहो
मुझेएकरातनवाज़देमगरइसकेबा'दसहरनहो
वोबड़ारहीमओकरीमहैमुझेयेसिफ़तभीअताकरे
तुझेभूलनेकीदु'आकरूँँतोमिरीदु'आमेंअसरनहो
मिरेबाज़ुओंमेंथकीथकीअभीमहव-ए-ख़्वाबहैचाँदनी
नउठेसितारोंकीपालकीअभीआहटोंकागुज़रनहो
येग़ज़लकिजैसेहिरनकीआँखमेंपिछलीरातकीचाँदनी
नबुझेख़राबेकीरौशनीकभीबे-चराग़येघरनहो
कभीदिनकीधूपमेंझूमकेकभीशबकेफूलकोचूमके
यूँँहीसाथसाथचलेंसदाकभीख़त्मअपनासफ़रनहो