मुस्कुराहटकेसुरोंकोदेतीहैजबतालआँखें
बेतहाशाचढ़तीहैतकतीमुझेवोलालआँखें
क्यूँँहैपीनेकीमनाहीगरयेदोआँखेंहैजायज़
लाखोंइनपेफिसलेहोंगेपरदेमेंतूडालआँखें
येज़रूरीहैनहींकेफाँसलेदीदार-ए-चेहरा
हुस्नगरहोपरदेमेंभीबुनतीहैतबजालआँखें
हैयेमुमकिनभूलभीजाऊँवोचेहरागरकभीतो
भूलनेमेंलेगीफिरभीवोकईसौसालआँखें
कैसेहो'चेतन'यूँँचश्म-ए-यारकातुमसेेतग़ाफ़ुल
मीरकीगातीग़ज़लनुसरतसीवोकव्वालआँखें