चाहा तुझे माँगू, फिर न सितारे टूटे
आँख भर आईं, दिल के किनारे टूटे
जिस की थी चाहत फ़क़त वो न मिला
देखे थे हमनें जो वो ख़्वाब हमारे टूटे
उस नदी ने अपना रस्ता बदल लिया
हम थे कोई सेहरा, जिस के सहारे टूटे
उस के लम्स में कोई जादू था यक़ीनन
हम भी तो उस शब इश्क़ में हारे, टूटे
तुम्हें भी अंदाज़ा हो ग़मनशीं होने का
कोई सानेहा तुम पे भी मेरे प्यारे टूटे
— Om Shukla















