हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Best
Father's Day Shayari
Sort By :
Popularity
Popularity
Latest
SHER
माँ बाप और उस्ताद सब हैं ख़ुदा की रहमत है रोक-टोक उन की हक़ में तुम्हारे नेमत — Altaf Hussain Hali
SHER
बाप ज़ीना है जो ले जाता है ऊँचाई तक माँ दुआ है जो सदा साया-फ़गन रहती है — Sarfraz Nawaz
SHER
मुझ को थकने नहीं देता ये ज़रूरत का पहाड़
मेरे बच्चे मुझे बूढ़ा नहीं होने देते
Meraj Faizabadi
मुझ को थकने नहीं देता ये ज़रूरत का पहाड़ मेरे बच्चे मुझे बूढ़ा नहीं होने देते — Meraj Faizabadi
SHER
न जाने क्यूँँ गले से लगने की हिम्मत नहीं होती
न जाने क्यूँँ पिता के सामने बेटे नहीं खुलते
Kushal Dauneria
न जाने क्यूँँ गले से लगने की हिम्मत नहीं होती न जाने क्यूँँ पिता के सामने बेटे नहीं खुलते — Kushal Dauneria
SHER
हमें पढ़ाओ न रिश्तों की कोई और किताब
पढ़ी है बाप के चेहरे की झुर्रियाँ हम ने
Meraj Faizabadi
हमें पढ़ाओ न रिश्तों की कोई और किताब पढ़ी है बाप के चेहरे की झुर्रियाँ हम ने — Meraj Faizabadi
SHER
उन के होने से बख़्त होते हैं
बाप घर के दरख़्त होते हैं
Unknown
उन के होने से बख़्त होते हैं बाप घर के दरख़्त होते हैं — Unknown
SHER
अपने बच्चों से बहुत डरता हूँ मैं
बिल्कुल अपने बाप के जैसा हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
अपने बच्चों से बहुत डरता हूँ मैं बिल्कुल अपने बाप के जैसा हूँ मैं — Zubair Ali Tabish
SHER
मेरा भी एक बाप था अच्छा सा एक बाप
वो जिस जगह पहुँच के मरा था वहीं हूँ मैं
Rais Farog
मेरा भी एक बाप था अच्छा सा एक बाप वो जिस जगह पहुँच के मरा था वहीं हूँ मैं — Rais Farog
SHER
चाहे जितनी हो हिमालय की ऊँचाई बाप के कंधे से ऊँचा कुछ नहीं है — Saarthi Baidyanath
SHER
फ़क़त दो-चार ईदें और बढ़ा दे साल में या रब गले बाबा के लगने को बहाने चाहता हूँ मैं — Haider Khan
SHER
ये सोच के माँ बाप की ख़िदमत में लगा हूँ
इस पेड़ का साया मिरे बच्चों को मिलेगा
Munawwar Rana
ये सोच के माँ बाप की ख़िदमत में लगा हूँ इस पेड़ का साया मिरे बच्चों को मिलेगा — Munawwar Rana
SHER
घर की इस बार मुकम्मल मैं तलाशी लूँगा
ग़म छुपा कर मिरे माँ बाप कहाँ रखते थे
Unknown
घर की इस बार मुकम्मल मैं तलाशी लूँगा ग़म छुपा कर मिरे माँ बाप कहाँ रखते थे — Unknown
SHER
बेटियाँ बाप की आँखों में छुपे ख़्वाब को पहचानती हैं
और कोई दूसरा इस ख़्वाब को पढ़ ले तो बुरा मानती हैं
Iftikhar Arif
बेटियाँ बाप की आँखों में छुपे ख़्वाब को पहचानती हैं और कोई दूसरा इस ख़्वाब को पढ़ ले तो बुरा मानती हैं — Iftikhar Arif
SHER
मुद्दत के बा'द ख़्वाब में आया था मेरा बाप
और उस ने मुझ सेे इतना कहा ख़ुश रहा करो
Abbas Tabish
मुद्दत के बा'द ख़्वाब में आया था मेरा बाप और उस ने मुझ सेे इतना कहा ख़ुश रहा करो — Abbas Tabish
SHER
अब तो उस सूने माथे पर कोरेपन की चादर है
अम्मा जी की सारी सजधज, सब ज़ेवर थे बाबूजी
Aalok Shrivastav
अब तो उस सूने माथे पर कोरेपन की चादर है अम्मा जी की सारी सजधज, सब ज़ेवर थे बाबूजी कभी बड़ा सा हाथ ख़र्च थे कभी हथेली की सूजन मेरे मन का आधा साहस, आधा डर थे बाबूजी — Aalok Shrivastav
LOAD MORE
How's your Mood?
See all
Best Love Shayari Collection
Breakup Shayari Collection
Best Motivational Shayari Collection
Romantic Shayari Collection
Life Shayari
Latest Blog
See all
जौन एलिया: इश्क़ की क्लास
शाइरी : एक ज़ाती ज़रूरत
ख़याल से ग़ज़ल तक
बहर में मिलने वाली एक विशेष छूट: अलिफ़ वस्ल
आज और मजाज़: इश्क़ और इंक़लाब