Father's Day Shayari
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Father's Day Shayari

मुझ को थकने नहीं देता ये ज़रूरत का पहाड़ मेरे बच्चे मुझे बूढ़ा नहीं होने देते — Meraj Faizabadi
न जाने क्यूँँ गले से लगने की हिम्मत नहीं होती न जाने क्यूँँ पिता के सामने बेटे नहीं खुलते — Kushal Dauneria
हमें पढ़ाओ न रिश्तों की कोई और किताब पढ़ी है बाप के चेहरे की झुर्रियाँ हम ने — Meraj Faizabadi
उन के होने से बख़्त होते हैं बाप घर के दरख़्त होते हैं — Unknown
अपने बच्चों से बहुत डरता हूँ मैं बिल्कुल अपने बाप के जैसा हूँ मैं — Zubair Ali Tabish
मेरा भी एक बाप था अच्छा सा एक बाप वो जिस जगह पहुँच के मरा था वहीं हूँ मैं — Rais Farog
ये सोच के माँ बाप की ख़िदमत में लगा हूँ इस पेड़ का साया मिरे बच्चों को मिलेगा — Munawwar Rana
घर की इस बार मुकम्मल मैं तलाशी लूँगा ग़म छुपा कर मिरे माँ बाप कहाँ रखते थे — Unknown
बेटियाँ बाप की आँखों में छुपे ख़्वाब को पहचानती हैं और कोई दूसरा इस ख़्वाब को पढ़ ले तो बुरा मानती हैं — Iftikhar Arif
मुद्दत के बा'द ख़्वाब में आया था मेरा बाप और उस ने मुझ सेे इतना कहा ख़ुश रहा करो — Abbas Tabish

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