ज़मानेभरकोनईताब-ओ-तबदिखानसके
वोशख़्सक्याजोग़मोंमेंभीमुस्कुरानसके
हमअपनेशहरमेंरहतेहैंअजनबीकीतरह
मगरयेबातकिसीकोभीहमबतानसके
गुज़रतेवक़्तकीमानिंदहैआजकाइंसाँ
सदाएँदेकेउसेहमकभीबुलानसके
ज़रूररंजिश-ए-बेजाहैआपकोहमसे
मिलेगलेसेमगरदिलकभीमिलानसके
तुम्हारेवा'देहसींभीथेदिल-फ़रेबभीथे
हमारेघरसेग़रीबीमगरहटानसके
जोबख़्शतेरहेदुनियाकोनूरकीदौलत
वोअपनेघरमेंकोईशम्अ'तकजलानसके
रहेहैं'गौहर'-ए-नायाबकीतरहलेकिन
हमअपनेआपकोशोकेसमेंसजानसके