देखकररंगउनकीमहफ़िलका
होगयापस्तहौसलादिलका
खोगयाजबख़याल-ए-मंज़िलमें
मिलगयाहैसुराग़मंज़िलका
जबसितमसहकेलोगहैंख़ामोश
हौसलाक्यूँबढ़ेनक़ातिलका
आपदेखेंनतेज़नज़रोंसे
फूटजाएगाआबलादिलका
पूछतेहैंवोहालमैंचुपहूँ
आगयाहैमक़ाममुश्किलका
बैठजाएँजोदोक़दमचलकर
क्यानिशाँपासकेंगेमंज़िलका
औरइकवारकीज़रूरतहै
येतक़ाज़ाहैतेरेबिस्मिलका
ग़म-ओ-हसरतकीसख़्तियाँतोबुरा
चूरहैआइनामिरेदिलका
कोशिशेंकरकेथकगया'गौहर'
फिरभीरस्तामिलानमंज़िलका