कहनेकोतोक्याक्यानदिल-ए-ज़ारमेंआए
हरबातकहाँक़ालिब-ए-इज़हारमेंआए
नज़दीकजोपहुँचेतोवोआहोंकाधुआँथा
कहनेकोतोहमसाया-ए-दीवारमेंआए
हरमौजा-ए-ख़ूँसरसेगुज़रजाएतोअच्छा
हरफूलमिरेहल्क़ा-ए-दस्तारमेंआए
हमअपनीसलीबोंकीहिफ़ाज़तमेंखड़ेहैं
अबजोभीशिकनगेसू-ए-दिल-दारमेंआए
पाँवमेंअगरतौक़-ओ-सलासिलहैंतोक्याग़म
ऐहम-सफ़रोफ़र्क़नरफ़्तारमेंआए
इकउम्रभटकतेहुएगुज़रीहैजुनूँमें
अबकौनफ़रेब-ए-निगह-ए-यारमेंआए
ऐकाशकभीउसकाइधरसेभीगुज़रहो
इकदिनतोसबालौटकेगुलज़ारमेंआए
जचतेभीतोक्याचश्म-ए-ख़रीदारमें'ताहिर'
हमकौनसेयूसुफ़थेजोबाज़ारमेंआए