कहनेकोयूँँतोअब्र-ए-करमक़तरा-ज़नहुआ
वोगुलखिलेनदीमकिख़ून-ए-चमनहुआ
येदाग़-ए-दिलकिजिनसेरिवाज-ए-सहरचला
नोक-ए-मिज़ापेअश्कजोउभराकिरनहुआ
पत्थरकीमूरतेंनज़रआतीहैंचार-सू
यारबतिरेजहाँकोयेक्यादफ़्'अ'तनहुआ
दोनोंमेंगूँजतीहैंबहारोंकीधड़कनें
मेरीग़ज़लहुईकितुम्हाराबदनहुआ
दोनोंसेहोरहाहैनईसुब्हकाज़ुहूर
तेरीक़बाहुईकिहमाराकफ़नहुआ
'ताहिर'सियाह-फ़ामहुएहमतोग़मनहीं
रौशनहमारेनामसेनाम-ए-सुख़नहुआ