येतोनहींकिहमपेसितमहीकभीनथे
इतनाज़रूरथाकिवोनाग़ुफ़्तनीनथे
ऐचश्म-ए-इल्तिफ़ातयेक्याहोगयातुझे
तेरीनज़रमेंहमतोकभीअजनबीनथे
फिरतेहैंआफ़्ताब-ज़दाकाएनातमें
हमपरकिसीकीज़ुल्फ़केएहसाँकभीनथे
पामालकरदियाजोफ़लकनेतोक्याकहें
हमतोकिसीकमालकेभीमुद्दई'नथे
क्याजुर्मथायेआजभीहमपरनहींखुला
येइल्महैकिअहल-ए-जुनूँकुश्तनीनथे
हरलम्हातेरेइश्क़मेंउम्र-ए-अबदबना
जोदिनभीज़िंदगीकेमिलेआरज़ीनथे
मुरझाकेभीगईनमहकजिस्म-ए-नाज़की
येमोतिएकेफूलकोईकाग़ज़ीनथे
यारान-ए-शहरइश्क़मेंबे-आबरूहुए
हमपरतोमेहरबाँवोकभीथेकभीनथे
इक़्लीम-ए-आशिक़ीकोदियादीन-ए-शाइरी
हमसाहिब-ए-किताबथेगरचेनबीनथे
हमजिनकीनज़्रकरतेजवाहरकलामके
'ताहिर'हमारेशहरमेंवोजौहरीनथे