चलोफिरएकनयामज़हबबनाएँ
कुछऔरलोगोंकोबाँटेआपसमें
बढ़ाएँरंजिशेंउनकी
उकसाएँलोगोंकोक़त्ल-ए-आमकेलिए
कुछमरेंगे
कुछलहू-लुहानहोंगे
चिंगारीजलतीरहेगी
पीढ़ी-दर-पीढ़ी
एकदूसरेकोनीचादिखानेकी
कुछऔरख़ुद-ग़रज़कूदपड़ेंगे
इसरंजिशकेखेलमेंसकेंगेरोटियाँ
मय्यतकीचिंगारीपर
आगबुझगईतो
मज़ारके
दिएसफिरजलादेंगे
जलाकरघरहमारा
अपनामहलरौशनकरेंगे
बीतजाएँगीकईपीढ़ियाँ
भूलजाएँगीकारनआपसीलड़ाईका
धर्म-गुरुफिरउठेंगे
सीखदेंगेधर्म-रक्षाका
कहेंगेलड़-मरो
अपनेधर्मकेलिए
लेकिन
कभीस्वयंधर्मकीरक्षाकेलिएलड़नेनाआएँगे
चलोफिरएकनयामज़हबबनाएँ
कुछऔरलोगोंकोबाँटेंआपसमें