जानते सब हैं दिल आप का चोर है
आप हैं बे-वफ़ा हर तरफ़ शोर है
देख लेना मुझे नोच खाएगा वो
बाज़ अंदर से सूरत से जो मोर है
बचना है जिस को वो मेरे पीछे चले
मुझ को मालूम सय्याद किस ओर है
इश्क़ को मत समझना मसर्रत मियाँ
दुख भी राह-ए-मोहब्बत में घनघोर है
एक दिन बनना ग़ालिब 'कुआनो' को भी
शा'इरी में सुना है वो पुर-ज़ोर है
— Kuaano Gorakhpuri















