चाहिए जो वफ़ा तो वफ़ा कीजिए
इश्क़ में दिल ज़रा मुब्तला कीजिए
ग़ैर के साथ हो आप जलते हैं हम
आप हम से ही बस राब्ता कीजिए
दिल में रखना है या करना बेघर हमें
ये अभी के अभी फ़ैसला कीजिए
ख़त जो लिखकर छुपाया है संदूक में
भेजने का उसे हौसला कीजिए
पढ़नी हो शा'इरी तो भी हम को पढें
शाइरों से ज़रा फ़ासला कीजिए
आप को भी मुहब्बत ही हो जानी है
कौन है ये कुआनो पता कीजिए
— Kuaano Gorakhpuri















