तू बता दे तुझे आज क्या चाहिए
तुझ को वो चाहिए या ख़ुदा चाहिए
बस वफ़ा की है तो अब वफ़ा चाहिए
जुर्म है ये अगर तो सज़ा चाहिए
इस से पहले कहे लोग पागल हमें
उम्र भर नींद की अब दवा चाहिए
रोज़ मरने से बेहतर अभी मार दे
जो मरा हो वो दिखना मरा चाहिए
मुद्दतों तक घुटन में जी है ज़िन्दगी
मिट्टी मत डालो हम को हवा चाहिए
— Kuaano Gorakhpuri















