मुसलसल साथ पटरी चल रही है

तभी तो रेलगाड़ी चल रही है

हमारा है अभी ईमाँ सलामत
अभी चटनी से रोटी चल रही है

अभी सस्ते बिकेंगे ग़म हमारे
अभी सोने पे मंदी चल रही है

मोहब्बत का पड़ा है बंद दफ़्तर
मेरी अरसे से छुट्टी चल रही है

नहीं हारा हूँ मैं बाज़ी अभी तक
मियाँ! मेरी भी गोटी चल रही है

यहाँ है आप की तलवार नाकाम
यहाँ मेरी ही सूई चल रही है

— Daagh Aligarhi

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