कहतेतोहोतुमसबकिबुत-ए-ग़ालिया-मूआए
यकमर्तबाघबराकेकहोकोईकिवोआए
हूँकशमकश-ए-नज़अ'मेंहाँजज़्ब-ए-मोहब्बत
कुछकहनसकूँपरवोमिरेपूछनेकोआए
हैसाइक़ाओशो'लाओसीमाबकाआलम
आनाहीसमझमेंमिरीआतानहींगोआए
ज़ाहिरहैकिघबराकेनभागेंगेनकीरैन
हाँमुँहसेमगरबादा-ए-दोशीनाकीबूआए
जल्लादसेडरतेहैंनवाइ'ज़सेझगड़ते
हमसमझेहुएहैंउसेजिसभेसमेंजोआए
हाँअहल-ए-तलबकौनसुनेताना-ए-ना-याफ़्त
देखाकिवोमिलतानहींअपनेहीकोखोआए
अपनानहींयेशेवाकिआरामसेबैठें
उसदरपेनहींबारतोका'बेहीकोहोआए
कीहम-नफ़सोंनेअसर-ए-गिर्यामेंतक़रीर
अच्छेरहेआपइससेमगरमुझकोडुबोआए
उसअंजुमन-ए-नाज़कीक्याबातहै'ग़ालिब'
हमभीगएवाँऔरतिरीतक़दीरकोरोआए