Top 20 Chehra Shayari

Chehra shayari beautifully captures the emotions hidden behind a face—whether it’s a gentle smile, silent pain, or timeless beauty. In poetry, the face becomes a mirror of the heart, expressing feelings words often fail to convey. Explore meaningful lines that describe husn, identity, and the untold stories written on every chehra.

अच्छे हो कर लौट गए सब घर लेकिन मौत का चेहरा याद रहा बीमारों को — Shariq Kaifi
शदीद गर्मी में कैसे निकले वो फूल-चेहरा सो अपने रस्ते में धूप दीवार हो रही है — Shakeel Jamali
सच तो ये है 'मजाज़' की दुनिया हुस्न और इश्क़ के सिवा क्या है — Asrar Ul Haq Majaz
हम ऐसों को बना कर के ख़ुदा उकता गया था फिर तेरी आँखें बना डाली तेरा चेहरा बना डाला — Ankit Maurya
कल रात मैं बहुत ही अलग सा लगा मुझे उस की नज़र ने यूँँ मेरी सूरत खंगाली दोस्त — Afzal Ali Afzal
हम हैं शौक़ीन पुरानी ही शराबों के दोस्त हम तो हैं ढलते हुए हुस्न पे मरने वाले — Aks samastipuri
कोई चेहरा किसी को उम्र भर अच्छा नहीं लगता हसीं है चाँद भी, शब भर मगर अच्छा नहीं लगता — Munawwar Rana
उम्र गुज़री उस का चेहरा देखते और जी लेते तो दुनिया देखते — Vipul Kumar
शौक़ के हाथों ऐ दिल-ए-मुज़्तर क्या होना है क्या होगा इश्क़ तो रुस्वा हो ही चुका है हुस्न भी क्या रुस्वा होगा — Asrar Ul Haq Majaz
उतर गया है चेहरा तेरे जाने से लॉक नहीं खुलता है अब मोबाइल का — Tanoj Dadhich
वो एक ही चेहरा तो नहीं सारे जहाँ में जो दूर है वो दिल से उतर क्यूँँ नहीं जाता — Nida Fazli
रात भर ता'रीफ़ मैं ने की तुम्हारे रूप की चाँद इतना जल गया सुन कर कि सूरज हो गया — Chandan Rai
इक बार अपनी माँ को मोहब्बत से देख ले जिस को भी हुस्न-ए-ताम का मतलब नहीं पता — Rohit tewatia 'Ishq'
मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है — Shadan Ahsan Marehrvi
तब्दीलियों का नश्शा मुझ पर चढ़ा हुआ है कपड़े बदल रहा हूँ चेहरा बदल रहा हूँ — Alam Khursheed