mizaaj ab tak nahin badla hamaara | मिज़ाज अब तक नहीं बदला हमारा

  - Manmauji

मिज़ाज अब तक नहीं बदला हमारा
वही हम हैं वही रुत्बा हमारा

चवन्नी घिसते घिसते घिस चुकी है
के अब चलना नहीं सिक्का हमारा

कल उसकी बुक में लवलेटर मिला है
हमीं पर जा रहा लड़का हमारा

बहुत मज़बूर हो कर कह रहे हैं
मुहब्बत छोड़ दे पीछा हमारा

कोई दिक़्क़त नहीं है हादिसों से
मगर रोकें नहीं रस्ता हमारा

हमारे नाम की तख़्ती लगा लो
तुम्हारे दिल पे है क़ब्ज़ा हमारा

अब इस सेे और ज़्यादा क्या कहें हम
तेरे होने से है होना हमारा

ख़ुद अपने आप को कैसे हराएँ
हमीं से चल रहा झगड़ा हमारा

  - Manmauji

Raqeeb Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Manmauji

As you were reading Shayari by Manmauji

Similar Writers

our suggestion based on Manmauji

Similar Moods

As you were reading Raqeeb Shayari Shayari