मैंभूकीनस्लहूँ
मेरेमलूलओमुज़्महिलचेहरापे
ठंडीचाँदनीकाअक्समतढूँडो
मिराबे-रंग-ओ-बूचेहरा
जमीहैअन-गिनतफ़ाक़ोंकीजिसपरधूलबरसोंसे
ज़मींकेचंदफ़िरऔनोंकोअपनीख़शमगींनज़रोंसेतकताहै
मिरेअज्दादभी
मेरीतरहभूकेथेलेकिनमुझमेंऔरउनमें
ज़मीन-ओ-आसमाँकाफ़र्क़हैशायद
वोअपनीभूककोतक़दीरकालिक्खासमझतेथे
क़नाअ'तउनकातकियाथा
तवक्कुलउनकाशेवाथा
मगरमैंऐसीहरझूटीतसल्लीकामुख़ालिफ़हूँ
मुक़द्दरकेअँधेरोंमेंनहीं
मेरायक़ींहैरौशनी-ए-सुब्ह-ए-फ़र्दामें
मैंभूकीनस्लहूँ
मेरेलबोंपरनाला-ओ-फ़रियादकीलयकेएवज़
इकआगहै
तेवरमेंग़ुस्साहै
येवोग़ुस्साहैजिससे
मेरादुश्मनथरथराताहै