इसतरहदिलकोबे-आसराछोड़कर
हमकहाँजाएँदरआपकाछोड़कर
क्याभरोसामरीज़-ए-ग़म-ए-इश्क़का
कुछदु'आकीजिएअबदवाछोड़कर
यूँँभीहोताहैअपनोंसेबद-ज़नकोई
यूँँभीजाताहैकोईभलाछोड़कर
मौज-ए-तूफ़ाँनेबढ़करसहारादिया
चलदियाजबमुझेनाख़ुदाछोड़कर
बादा-ख़ानेमेंरुस्वाइयाँहीसही
कौनजाएयेरंगींफ़ज़ाछोड़कर
मुद्दतोंयादकरतारहेगाजहाँ
मिटचलेहमतोनक़्शा-ए-वफ़ाछोड़कर
अहल-ए-दुनियाने'आसी'बहुतकुछदिया
एकजिंस-ए-ख़ुलूस-ओ-वफ़ाछोड़कर