आँखपत्थरकीतरहअक्ससेख़ालीहोगी
ख़ून-ए-नाहक़कीमगरजिस्मपेलालीहोगी
मिलकेबैठेंगेवहीलोगअधूरेआधे
फिरवहीमेज़वहीसर्दपियालीहोगी
ऐसेमौसममेंवोचुप-चापनज़रजोआया
उसनेआँखोंमेंकोईशक्लबसालीहोगी
मैंनेजोचीज़गँवादीउसेहीराकहके
किसीनादारमुसाफ़िरनेउठालीहोगी
उसकोलफ़्ज़ोंमेंउतारूँतोवरक़हूँरौशन
उसकीतस्वीरबनालूँतोमिसालीहोगी
मिलभीजाएमिरीख़्वाहिशकासिलाजोमुझको
रूहअपनीवहीमजबूरसवालीहोगी
यार'फ़िक्री'येचमकतेहुएजुगनूरखले
रातजंगलकीअभीऔरभीकालीहोगी