ख़ुदाया क्या नई सी कोई अब उड़ान बाक़ी है
गिराने के लिए नया सा आसमान बाक़ी है
ज़रा बता इलाज मेरी मुश्किलों का मुझ को भी
या अब हयात में नई सी खींचतान बाक़ी है
कि खोजूँ मंज़िलें कहाँ कहाँ बता दे मुझ को भी
या मेरा क्या नया सा कोई इम्तिहान बाक़ी है
— Piyush Shrivastava















