मुहब्बत की राहों पे चलते रहेंगे,

चरागे- मुहब्बत भी जलते रहेंगे

अगर आएँ तूफ़ाँ रुकेंगे नहीं हम,
हवाओं का रुख़ भी बदलते रहेंगे

मुहब्बत करोगे मुहब्बत मिलेगी,
करोगे अदावत मसलते रहेंगे

बना मूर्ख दुश्मन पड़ोसी हमारा,
सदा मूँग सीने पे दलते रहेंगे

जहाँ में नहीं कोई सानी हमारा,
सितारों से आगे निकलते रहेंगे

ज़मीं से फ़लक तक हो सत्ता हमारी,
दिलों में यही ख़्वाब पलते रहेंगे

करेंगे नई मंज़िलें नित्य हासिल,
"कमल" ख़्वाब दिल में मचलते रहेंगे

— Kamal Kishore Dubey

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