हुआ दिल किसी पे फ़िदा रफ़्ता- रफ़्ता

चला प्यार का सिलसिला रफ़्ता- रफ़्ता

मुहब्बत की बातें तुम्हें क्या बताएँ
मुहब्बत से सब कुछ मिला रफ़्ता- रफ़्ता

ख़ुशी आज मुझ को मिली है जहाँ की
ग़मों का अँधेरा मिटा रफ़्ता- रफ़्ता

यक़ीनन इधर आएगी आज ख़ुशबू
चली फिर से बादे सबा रफ्ता- रफ्ता

रची जिस ने साज़िश गिराने की मुझ को
वही मुझ को गिरता दिखा रफ़्ता- रफ़्ता

बुज़ुर्गों की सेवा करें जो जतन से
मिले उन की जग में दुआ रफ़्ता- रफ़्ता

कठिन राह पर हौसला साथ हो तो
मिले मंज़िलों का पता रफ़्ता- रफ़्ता

"कमल" मुझ को तूफ़ाँ डरा पाएँगे क्या
सफ़र पर सफ़ीना चला रफ़्ता- रफ़्ता

— Kamal Kishore Dubey

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