ये जानकर भी किया नहीं है
किए बिना कुछ हुआ नहीं है
है जो बहुत ही क़रीब मेरे
पता भी उस का पता नहीं है
सभी शराबी नहीं हैं आशिक़
जो इश्क़ बदनाम था, नहीं है
ज़रा सी ख़िदमत, बहुत सी शोहरत
ये पर सही रास्ता नहीं है
न हिज्र जाए, न वस्ल आए
ये बद-दुआ है दुआ नहीं है
मुझे है एहसास खो न जाए
है कौन वो जो मिला नहीं है
मैं जान उस की, वो जान मेरी
कमाल आया, गया नहीं है
— Abuzar kamaal















