uske liye kabhi ham yaaron se lad gaye the | उसके लिए कभी हम यारों से लड़ गए थे

  - Rachit Sonkar

उसके लिए कभी हम यारों से लड़ गए थे
इक बेवफ़ा के ख़ातिर कितना बिगड़ गए थे

अब की करेंगे फोकस हम अपने कैरियर पर
वरना तो पहले दिल के चक्कर में पड़ गए थे

हमको नहीं पता है उस रात क्या हुआ था
सहरा बता रहे थे जंगल उजड़ गए थे

लेंगे न नाम अब वो मेले का ज़िंदगी भर
मेले में साथियों से वो जो बिछड़ गए थे

फ़ुर्क़त की रात थी वो दिल में अजब समाँ था
हम भी बिछड़ गए थे तुम भी बिछड़ गए थे

  - Rachit Sonkar

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