जाने वालों का ग़म नहीं करते
आप करते हैं हम नहीं करते
चाहकर भी न मर सके कोई
या ख़ुदा यूँ सितम नहीं करते
पीड़ ऐसी कि दम कड़ा जाए
ऐसा ज़ब्त आँख नम नहीं करते
प्यार करते नहीं न मुझ से तुम
खाओ मेरी क़सम नहीं करते
खेल शिद्दत से खेलते हैं पर
हार जाने का ग़म नहीं करते
— Sanjay shajar















