बैठकरहमउसेबसनिहाराकिए
ज़िन्दगीइसक़दरहमगुज़ाराकिए
रेतपरनामलिखकेहज़ारोंदफ़ा
बारहाउसकोहीहमपुकाराकिए
जबभीदेखाउसेग़ौरसेदेरतक
अपनीनज़रोंसेनज़रेंउताराकिए
देखकरआपकोकुछनदेखाकभी
उम्रभरआपकाहीनज़ाराकिए
हाथथामानहमनेकिसीग़ैरका
एकबसआपकोहीसहाराकिए
हमनेअहल-ए-ख़िरदकीनमानीकभी
देखतेहीहमइनसेकिनाराकिए
क़ैदकरकेउसेअपनीबाहोंमें,फिर
रातभरउसकीज़ुल्फ़ेंसँवाराकिए
हमनेबदलानहींयेतुफ़ैल-ए-सुकूँ
हमउन्हींसेमुहब्बतदुबाराकिए