शहरकेदीवार-ओ-दरपररुतकीज़र्दीछाईथी
हरशजरहरपेड़कीक़िस्मतमेंअबतन्हाईथी
जीनेवालोंकामुक़द्दरशोहरतेंबनतीरहीं
मरनेवालोंकेलिएअबदश्तकीतन्हाईथी
चश्म-पोशीकाकिसीज़ी-होशकोयारानथा
रुतसलीब-ओ-दारकीइसशहरमेंफिरआईथी
मैंनेज़ुल्मतकेफ़ुसूँसेभागनाचाहामगर
मेरेपीछेभागतीफिरतीमिरीरुस्वाईथी
बारिशोंकीरुतमेंकोईक्यालिखेआख़िर'सईद'
लफ़्ज़केचेहरोंकीरंगतभीबहुतधुँदलाईथी