सितारा चूम के ख़ुद को जला लिया होगा
ज़मीन वालों ने सब आज़मा लिया होगा
तुम्हारी दीद को बख़्शिश समझता है कोई
सो उसने आँख को कासा बना लिया होगा
किसी से शादी ही की होगी उसने मेरे बाद
दुकान बेच के घर ही बना लिया होगा
तुम्हें यूँँ छोड़ के इस गर्क होती बस्ती में
तुम्हारे बेटे ने कितना कमा लिया होगा
बड़े ही प्यार से उसने हमेशा की तरह
किसी का आख़िरी जुमला चुरा लिया होगा
ख़ुदा ही ख़ैर करे उनकी जिन ग़रीबों ने
तुम्हारे प्यार में सब कुछ लुटा लिया होगा
हमारी रूह तुम्हें आज भी नहीं 'तजदीद'
किसी ने जिस्म का मलबा उठा लिया होगा
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