sitaara choom ke khud ko jala liya hogaa | सितारा चूम के ख़ुद को जला लिया होगा

  - Tajdeed Qaiser

सितारा चूम के ख़ुद को जला लिया होगा
ज़मीन वालों ने सब आज़मा लिया होगा

तुम्हारी दीद को बख़्शिश समझता है कोई
सो उसने आँख को कासा बना लिया होगा

किसी से शादी ही की होगी उसने मेरे बाद
दुकान बेच के घर ही बना लिया होगा

तुम्हें यूँँ छोड़ के इस गर्क होती बस्ती में
तुम्हारे बेटे ने कितना कमा लिया होगा

बड़े ही प्यार से उसने हमेशा की तरह
किसी का आख़िरी जुमला चुरा लिया होगा

ख़ुदा ही ख़ैर करे उनकी जिन ग़रीबों ने
तुम्हारे प्यार में सब कुछ लुटा लिया होगा

हमारी रूह तुम्हें आज भी नहीं 'तजदीद'
किसी ने जिस्म का मलबा उठा लिया होगा

  - Tajdeed Qaiser

Shahr Shayari

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