safede ke sumbul ke | सफेदे के सुम्बुल के

  - Wazir Agha
सफेदेकेसुम्बुलके
औरपॉपुलरकेछरीरेशजर
मिरीजोहमेंआएथेजब
मिरीसब्ज़धरतीकाइकभीपरिंदा
उन्हेंदेखनेइनकीशाख़ोंमें
आरामकरनेकोतय्यारहरगिज़नहींथा
कभीकोईफूलेपरोंवाली
इकफूलसीफ़ाख़्ता
इनकीशाख़ोंकीजानिबउमंडती
तोबूसेपरेशानहोकर
फ़लककीतरफ़तीरबनकर
कुछइसतौरजाती
किजैसेवोवापसज़मींपरनहींआएगी
औरअबहालयेहै
फुलाहीकेकीकरकेबेरीकेसबपेड़
इनआनेवालोंसेघबराके
जानेकहाँचलदिएहैं
घनेसब्ज़शीशमकेछितनारमुरझागएहैं
अगरकोईबरगदयापीपलका
इकआधहैकल
किसीकोनेखुदरेमें
आँखोंकोमीचे
परोंकोसमेटेखड़ाहै
तोक्याहै
उसेकबकिसीआनेवाले
चलेजानेवालेसेकोईतअ'ल्लुक़रहाहै
जोयूँँहैतोआओचलें
आनेवालोंसेचलकरमिलें
इनसेपूछें
कहाँसेतुमआएहोभाई
इरादाहैकबतकयहाँठहरनेका
  - Wazir Agha
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Udasi Shayari

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